ये है यूपी के डीजीपी सुलखान के बारे में 5 बातें जिन को सायद आप लोग नही जानते होंगे #trickyard
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुलखान सिंह को यूपी का डीजीपी बना कर एक साथ
कई संदेश दिए हैं.
उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुलखान सिंह के हर तरफ चर्चे हैं
>> HOW TO RECOVER DELETED MSG,PHOTO, ANY DATA FROM YOUR ANDROID MOBILE
1. इमानदारी उनकी बेस्ट पालिसी है :
Hug Discount on shoes
दौरान पनिशमेंट पोस्टिंग के तौर पर उन्नाव ट्रेनिंग सेंटर में तैनाती. सुलखान सिंह का व्यक्तित्व
हर चुनौती में और निखरा.
HOW YOU CAN SHARE ON WHATSAPP THESE FILE TYPE ZIP, PDF, EXE, APK, RAR AND BIG FILES.
तीन साल के कार्यकाल में ट्रेनिंग सेंटर में ऐसा काम किया कि भारत सरकार की तरफ से
मुझे 'एक्सलेन्स इन ट्रेनिंग' का मेडल मिला
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुलखान सिंह को यूपी का डीजीपी बना कर एक साथ
कई संदेश दिए हैं.
उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुलखान सिंह के हर तरफ चर्चे हैं
>> HOW TO RECOVER DELETED MSG,PHOTO, ANY DATA FROM YOUR ANDROID MOBILE
1. इमानदारी उनकी बेस्ट पालिसी है :
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सुलखान सिंह अपनी ड्यूटी के 36 साल के कार्यकाल में जहां-जहां भी तैनात रहे, वहां सब जगह उनकी
ईमानदारी की कसीदे पढ़े जाते हैं.
ईमानदारी की कसीदे पढ़े जाते हैं.
2. वो एक साधारण परिवार के असाधारण व्यक्तित्व है :
सुलखान सिंह की पारिवारिक पृष्ठभूमि बहुत साधारण है. बांदा में इनका 3 कमरे का कच्चा मकान है,
जहां उनके बूढ़े माता पिता और भाई रहते हैं. सुलखान सिंह लखनऊ में एलडीए के
3 कमरे के फ्लैट में रहते है.
सुलखान सिंह की पारिवारिक पृष्ठभूमि बहुत साधारण है. बांदा में इनका 3 कमरे का कच्चा मकान है,
जहां उनके बूढ़े माता पिता और भाई रहते हैं. सुलखान सिंह लखनऊ में एलडीए के
3 कमरे के फ्लैट में रहते है.
3. चुनौतियों से वो कभी नही डरते :--
सुलखान सिंह वाराणसी हो या इलाहाबाद या फिर उन्नाव, जहां भी रहे अपनी अलग छाप छोड़ने में
सफल रहे. चाहे 1984 में वाराणसी का छात्र आंदोलन था या फिर समाजादी पार्टी सरकार के
सुलखान सिंह वाराणसी हो या इलाहाबाद या फिर उन्नाव, जहां भी रहे अपनी अलग छाप छोड़ने में
सफल रहे. चाहे 1984 में वाराणसी का छात्र आंदोलन था या फिर समाजादी पार्टी सरकार के
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हर चुनौती में और निखरा.
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तीन साल के कार्यकाल में ट्रेनिंग सेंटर में ऐसा काम किया कि भारत सरकार की तरफ से
मुझे 'एक्सलेन्स इन ट्रेनिंग' का मेडल मिला
4. बचपन की यादें और रामचरित मानस:
सुलखान सिंह चार भाई है और उनके पिता एक किसान हैं. उनके पास महज 2.3 बीघा जमीन है
सुलखान सिंह और उनके भाइयों की स्कूली शिक्षा बांदा में ही हुई.उनका पूरा ज्ञान रामायण
और महाभारत का है. उन्हीं से हमने रामचरितमानस का पूरा पाठ सीखा. हमारे माता
पिता ने हमेशा प्रोत्साहन दिया
सुलखान सिंह चार भाई है और उनके पिता एक किसान हैं. उनके पास महज 2.3 बीघा जमीन है
सुलखान सिंह और उनके भाइयों की स्कूली शिक्षा बांदा में ही हुई.उनका पूरा ज्ञान रामायण
और महाभारत का है. उन्हीं से हमने रामचरितमानस का पूरा पाठ सीखा. हमारे माता
पिता ने हमेशा प्रोत्साहन दिया
5. वो सादा जीवन जीने क प्क्ष मै और उच्च विचारो मै विस्वास रखते है :
मुख्यमंत्री संन्यासी व्यक्ति हैं और मेरी उनसे तुलना नहीं है. ये सही है मैं योग करता हूं और ट्रेनिंग
के सिलेबस में भी योग को शामिल कराया. लेकिन सिर्फ योगासन करने से हम योगी नहीं हो जाते.
हमें अपना व्यवहार सुधारना चाहिए, और अगर ऐसा होता है तो सब कुछ सही हो जाएगा.
के सिलेबस में भी योग को शामिल कराया. लेकिन सिर्फ योगासन करने से हम योगी नहीं हो जाते.
हमें अपना व्यवहार सुधारना चाहिए, और अगर ऐसा होता है तो सब कुछ सही हो जाएगा.


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